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शिक्षा विभाग सख्त! बिना बताए स्कूल न आने वाले 21 शिक्षकों की जाएगी नौकरी?

Written by kkr16049@gmail.com

शिक्षा विभाग सख्त! बिना बताए स्कूल न आने वाले 21 शिक्षकों की जाएगी नौकरी?

Basic Education Department Uttar Pradesh से जुड़ा एक बड़ा मामला मथुरा से सामने आया है। लंबे समय से बिना सूचना गायब चल रहे 21 शिक्षकों को अब अंतिम चेतावनी दी गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय में जवाब नहीं मिला, तो सीधी service termination की कार्रवाई की जाएगी।

2. Official Details: 15 दिन में देना होगा जवाब

बीएसए रतन कीर्ति द्वारा जारी नोटिस में शिक्षकों को 15 दिन का अंतिम मौका दिया गया है।

संतोषजनक स्पष्टीकरण देना अनिवार्य

बिना जवाब के सीधे कार्रवाई तय

लंबे समय से अनुपस्थिति को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया

यह कदम विभाग की सख्ती और official guidelines को स्पष्ट करता है।

3. चौंकाने वाली स्थिति: कई सालों से स्कूल नहीं पहुंचे शिक्षक

जारी सूची में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं, जो—

2015

2017

2020

से ही स्कूल नहीं पहुंचे हैं।

सोचिए, जहां एक तरफ स्कूलों में शिक्षकों की कमी की शिकायत होती है, वहीं दूसरी तरफ कुछ शिक्षक सालों तक ड्यूटी पर नहीं आते—यह स्थिति खुद में कई सवाल खड़े करती है।

4. Eligibility और नियम: अब नहीं चलेगी लापरवाही

सरकारी नौकरी में eligibility सिर्फ चयन तक सीमित नहीं होती, बल्कि लगातार जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है।

विभाग का मानना है कि—

बिना अनुमति अनुपस्थिति नियमों का उल्लंघन है

बार-बार नोटिस के बावजूद जवाब न देना गंभीर मामला है

इसी वजह से अब strict action लेने की तैयारी है, ताकि बाकी कर्मचारियों के लिए भी एक साफ संदेश जाए।

5. Important Guidelines: किन ब्लॉकों के शिक्षक शामिल

इस कार्रवाई की जद में आने वाले शिक्षक मथुरा के कई ब्लॉकों से जुड़े हैं, जैसे:

चौमुहां

नौहझील

नंदगांव

फरह

बलदेव

गोवर्धन

यह दिखाता है कि मामला किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर है।

निष्कर्ष

यह पूरा मामला साफ संकेत देता है कि अब शिक्षा विभाग अनुशासन को लेकर समझौता नहीं करेगा।

सरकारी नौकरी सिर्फ सुविधा नहीं, जिम्मेदारी भी है। अगर तय समय में जवाब नहीं आता, तो इन 21 शिक्षकों की नौकरी जाना लगभग तय माना जा रहा है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कितने शिक्षक अपना पक्ष रखते हैं और कितनों पर वास्तव में कार्रवाई होती है।

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