UP के 2830 स्कूलों में पहुंचेगे नए टीचर! अब हर प्राइमरी स्कूल में होंगे कम से कम 2 शिक्षक
उत्तर प्रदेश के हजारों प्राथमिक विद्यालय लंबे समय से शिक्षकों की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जहां पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक संभाल रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई, कक्षाओं का संचालन और स्कूल प्रबंधन पर सीधा असर पड़ रहा था।
अब इस समस्या को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश के हर परिषदीय विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत करीब 2830 स्कूलों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
2. हर स्कूल में कम से कम दो शिक्षक तैनात करने की तैयारी
बेसिक शिक्षा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर official announcement जारी कर दिया है। विभाग का लक्ष्य है कि जिन स्कूलों में शिक्षक कम हैं वहां जल्द अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएं।
इसके लिए उन स्कूलों की पहचान की जाएगी जहां जरूरत से ज्यादा शिक्षक मौजूद हैं। ऐसे surplus teachers को दूसरे जरूरतमंद विद्यालयों में तैनात किया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में कई स्कूलों में अभी भी एक शिक्षक को एक साथ कई कक्षाएं संभालनी पड़ती हैं। ऐसे में यह फैसला बच्चों की पढ़ाई के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
3. DM करेंगे छात्र संख्या का भौतिक सत्यापन
नई व्यवस्था के तहत जिलों में 30 अप्रैल 2026 तक छात्रों की वास्तविक संख्या का physical verification कराया जाएगा।
इस प्रक्रिया में शामिल होंगे:
इंचार्ज सहायक अध्यापक
प्रधानाध्यापक
खंड शिक्षा अधिकारी
इनकी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस स्कूल में शिक्षक कम हैं और कहां अधिक।
4. NIC वेबसाइट पर जारी होगा पूरा डाटा
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को important guidelines जारी की हैं।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सत्यापित डाटा को जिले की NIC वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार तैनाती आसान होगी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह online process पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित और तेज होगा।
5. शिक्षकों को आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा मौका
जिन शिक्षकों का तबादला प्रस्तावित किया जाएगा, उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाएगा।
Official Details
आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तारीख: 13 मई 2026
जिला समिति करेगी शिकायतों का निस्तारण
20 मई तक पूरी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
इसके बाद जरूरत के अनुसार शिक्षकों की नई तैनाती की जाएगी।
6. महिला शिक्षिकाओं को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने महिला शिक्षिकाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था बनाई है।
Important guidelines के अनुसार कोशिश की जाएगी कि महिला शिक्षिकाओं की पोस्टिंग पहले उसी विकासखंड में की जाए। यदि वहां जगह उपलब्ध नहीं होती, तो नजदीकी विकासखंड में तैनाती दी जाएगी।
इस फैसले को महिला शिक्षकों के लिए राहतभरा माना जा रहा है।
7. अभी किन स्कूलों में नहीं होगा बदलाव?
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि जिन विद्यालयों में 30 अप्रैल तक पहले से दो शिक्षक मौजूद हैं, वहां फिलहाल दोबारा तैनाती प्रक्रिया नहीं होगी।
फोकस उन स्कूलों पर रहेगा जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है या शिक्षकों की संख्या बेहद कम है।
8. एकल विद्यालयों के बच्चों को मिलेगा फायदा
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 2830 से ज्यादा ऐसे विद्यालय हैं जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है।
ऐसे स्कूलों में अक्सर पढ़ाई प्रभावित होती है। उदाहरण के तौर पर, एक शिक्षक को कभी बच्चों को पढ़ाना पड़ता है तो कभी मिड-डे मील और प्रशासनिक काम संभालना पड़ता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बच्चों को नियमित पढ़ाई और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।




