Solar लगवाने से पहले ये कैलकुलेशन जरूर देख लें, लाखों की बचत का पूरा हिसाब आया सामने

Solar लगवाने से पहले ये कैलकुलेशन जरूर देख लें, लाखों की बचत का पूरा हिसाब आया सामने

बिजली के बढ़ते बिल ने आज ज्यादातर परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। खासकर शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लिए हर महीने आने वाला बिजली बिल अब बड़ी चिंता बनता जा रहा है। ऐसे में लोग ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जो लंबे समय तक राहत दे सकें। इसी वजह से Rooftop Solar System को लेकर तेजी से रुचि बढ़ रही है।

सरकार भी अब सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। PM Surya Ghar Yojana के तहत मिलने वाली सब्सिडी ने आम लोगों के लिए सोलर लगवाना पहले से काफी आसान बना दिया है। यही कारण है कि अब लोग सिर्फ “बिजली बचाने” के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय की बचत और government benefits को देखते हुए भी सोलर की तरफ बढ़ रहे हैं।

आखिर सोलर सिस्टम कितना फायदा देता है?

अगर किसी परिवार की हर महीने करीब 300 से 500 यूनिट बिजली की खपत होती है, तो उसका सालाना बिजली खर्च आसानी से 40 हजार से 50 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।

यहीं पर Rooftop Solar बड़ा अंतर पैदा करता है। एक बार सिस्टम लगने के बाद कई सालों तक बिजली का खर्च काफी कम हो जाता है। कई मामलों में लोगों का बिजली बिल सिर्फ न्यूनतम चार्ज तक सीमित रह जाता है।

सोलर इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत में एक सामान्य परिवार के लिए 3kW से 5kW का सोलर सिस्टम सबसे ज्यादा उपयोगी माना जाता है।

कितने साल में निकल आती है सोलर की लागत?

लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि शुरुआती निवेश कब तक वापस आता है।

SolarSquare की CEO और Co-Founder श्रेया मिश्रा के अनुसार, भारत में Rooftop Solar System की लागत आमतौर पर 3 से 5 साल के भीतर रिकवर हो जाती है। इसके बाद सिस्टम करीब 25 साल या उससे ज्यादा समय तक बिजली पैदा करता रहता है।

यानी आसान भाषा में समझें तो शुरुआती खर्च निकलने के बाद लगभग 20 साल तक परिवार को लगभग मुफ्त बिजली का फायदा मिल सकता है।

बढ़ती बिजली दरों को देखते हुए यह बचत आने वाले समय में और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।

Rooftop Solar का पूरा कैलकुलेशन समझिए

सोलर सिस्टम से होने वाली बचत मुख्य रूप से चार बातों पर निर्भर करती है:

इंस्टॉलेशन कॉस्ट

सरकारी सब्सिडी

मासिक बिजली खपत

आपके शहर की बिजली दरें

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत में 1kW का सोलर सिस्टम सालभर में लगभग 1400 से 1450 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है।

इसी हिसाब से:

3kW सिस्टम लगभग 4200 से 4350 यूनिट सालाना बिजली बना सकता है

5kW सिस्टम लगभग 7000 से 7250 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है

अगर आपके इलाके में बिजली की कीमत 7 से 10 रुपये प्रति यूनिट के बीच है, तो सालाना बचत काफी बड़ी हो सकती है।

25 साल में लाखों रुपये की बचत संभव

मान लीजिए किसी परिवार का हर महीने 400 यूनिट बिजली खर्च होता है। ऐसे में उसका सालाना बिजली बिल लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।

अब अगर आने वाले वर्षों में बिजली दरें लगातार बढ़ती रहीं, तो 25 साल में यही खर्च 10 लाख रुपये से भी ऊपर जा सकता है।

यही वजह है कि कई लोग अब इसे सिर्फ बिजली का विकल्प नहीं, बल्कि एक long-term investment की तरह देखने लगे हैं।

PM Surya Ghar Yojana में कितनी मिल रही है सब्सिडी?

केंद्र सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत residential rooftop solar systems पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

इसके अलावा कुछ राज्य सरकारें भी अतिरिक्त सहायता दे रही हैं। latest update के अनुसार:

उत्तर प्रदेश में करीब 30,000 रुपये तक अतिरिक्त सहायता

दिल्ली में लगभग 30,000 रुपये तक अतिरिक्त लाभ

असम में 45,000 रुपये तक अतिरिक्त सब्सिडी

अन्य राज्यों में भी अलग-अलग सरकारी योजनाएं और official benefits उपलब्ध हैं।

Solar लगाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

सोलर सिस्टम लगवाने से पहले कुछ important guidelines जरूर समझ लेनी चाहिए:

घर की छत पर पर्याप्त धूप आनी चाहिए

सही क्षमता का सिस्टम चुनना जरूरी है

केवल approved vendors से ही इंस्टॉलेशन कराएं

सरकारी portal पर online process पूरा करें

warranty और maintenance details पहले ही जांच लें

सही योजना और सही कंपनी चुनने पर सोलर लंबे समय तक शानदार रिटर्न दे सकता है।

Related Post

Leave a Comment