Rooftop Solar New Rules 2026: बिना रजिस्ट्रेशन सोलर सिस्टम लगाने वालों पर होगा जुर्माना, सरकार का बड़ा आदेश
बिजली के बढ़ते खर्च और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते रुझान के बीच अब बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और व्यवसायों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। लेकिन केवल सोलर सिस्टम लगाना ही काफी नहीं है। सरकार ने साफ किया है कि सुरक्षित और स्थिर बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए rooftop solar system का सही पंजीकरण और official notification बेहद जरूरी होगा।
नई सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार, बिना जानकारी दिए लगाए गए सोलर सिस्टम भविष्य में बिजली प्रबंधन और ग्रिड संतुलन के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। यही वजह है कि renewable energy sector से जुड़े नियमों को अब पहले से ज्यादा सख्ती से लागू किया जा रहा है।
2. सरकार ने क्यों सख्त किए नियम?
सरकारी अध्यादेश 58/2025/ND-CP के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि चाहे सोलर सिस्टम राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जुड़ा हो या नहीं, हर स्थिति में उसकी जानकारी संबंधित विभागों को देना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में rooftop solar installations तेजी से बढ़े हैं, लेकिन कई जगहों पर सिस्टम की सही जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाई। इससे बिजली की मांग और उत्पादन के बीच असंतुलन पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।
मार्च 2026 तक प्रांत में करीब 220 उपभोक्ताओं ने लगभग 16 मेगावाट क्षमता वाले self-consumption rooftop solar systems लगाने की योजना घोषित की थी। यह आंकड़ा बताता है कि लोग अब तेजी से सौर ऊर्जा की तरफ बढ़ रहे हैं।
3. किन लोगों को देना होगा नोटिस और रजिस्ट्रेशन?
सरकार ने सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर अलग-अलग नियम तय किए हैं।
3.1 ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम
अगर आपका सोलर सिस्टम राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जुड़ा नहीं है, तब भी आपको उद्योग एवं व्यापार विभाग और स्थानीय बिजली कंपनी को इसकी जानकारी देनी होगी।
इसके तहत ये official details साझा करनी होंगी:
निवेशक का नाम
सिस्टम की क्षमता
उपयोग का उद्देश्य
स्थापना का स्थान
प्रोजेक्ट शुरू होने का समय
3.2 100 किलोवाट से कम क्षमता वाले सिस्टम
ऐसे घरेलू rooftop solar systems जो केवल अपने उपयोग के लिए लगाए गए हैं, उन्हें स्थानीय बिजली विभाग, अग्नि सुरक्षा एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को सूचित करना होगा।
यह प्रक्रिया निगरानी और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मानी गई है।
3.3 100 किलोवाट से 1000 किलोवाट तक
इस श्रेणी के सिस्टम मालिकों को निर्धारित फॉर्म के जरिए notification process पूरा करना होगा, भले ही वे अतिरिक्त बिजली बेचने की योजना न बना रहे हों।
3.4 1000 किलोवाट से बड़े सिस्टम
अगर कोई बड़ा commercial solar project लगाया जा रहा है या अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेची जानी है, तो पूर्ण registration और प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।
4. तेजी से बढ़ रहा है रूफटॉप सोलर का चलन
कुछ साल पहले तक rooftop solar system लगवाना काफी महंगा माना जाता था। लेकिन अब तकनीक सस्ती होने और government benefits बढ़ने से इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
थान्ह होआ पावर कंपनी के अनुसार, 2020 से पहले 613 rooftop solar systems पहले ही लगाए जा चुके थे, जिनकी कुल क्षमता लगभग 66.39 मेगावाट थी। इसके बाद भी नए installations तेजी से बढ़ रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक आंकड़ों में अभी भी अंतर दिखाई दे रहा है। विभागीय डेटा के मुताबिक कुल 715 सिस्टम दर्ज हैं, लेकिन कई installations ऐसे हैं जिनकी official registration प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
5. बिना जानकारी वाले सोलर सिस्टम क्यों बन रहे चिंता का कारण?
ऊपरी तौर पर देखा जाए तो लगता है कि घर की छत पर लगा सोलर सिस्टम केवल उसी परिवार के उपयोग के लिए है। लेकिन असल में अधिकांश rooftop systems बिजली ग्रिड से जुड़े होते हैं।
दिन में पर्याप्त धूप न मिलने पर यही उपभोक्ता फिर से राष्ट्रीय बिजली ग्रिड पर निर्भर हो जाते हैं। ऐसे में अगर बिजली विभाग के पास सही डेटा नहीं होगा तो load forecasting प्रभावित होगी।
उदाहरण के तौर पर, अचानक बादल छाने या मौसम खराब होने पर हजारों सोलर सिस्टम बिजली उत्पादन कम कर सकते हैं। तब पूरा भार ग्रिड पर आ जाता है। इससे स्थानीय बिजली कटौती और सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है।
6. NSMO और EVN ने क्या कहा?
राष्ट्रीय विद्युत प्रणाली संचालन कंपनी NSMO का कहना है कि distributed energy systems के बढ़ते उपयोग के कारण अब सटीक डेटा पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।
अगर rooftop solar capacity की सही जानकारी उपलब्ध नहीं होगी तो:
बिजली उत्पादन का पूर्वानुमान प्रभावित होगा
वोल्टेज और फ्रीक्वेंसी संतुलन बिगड़ सकता है
बिजली गुणवत्ता पर असर पड़ेगा
अचानक लोड बढ़ने की स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है
वहीं EVN के आंकड़ों के अनुसार, 2020 के बाद लगभग 1300 मेगावाट पीक rooftop solar capacity स्थापित की गई, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं है।
7. Online Process हुआ आसान
सरकार ने registration process को पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है। अब अधिकांश आवेदन Public Service Portal के जरिए online process में पूरे किए जा सकते हैं।
दस्तावेजों की संख्या भी कम की गई है ताकि आम लोग और छोटे व्यवसाय आसानी से आवेदन कर सकें।
हालांकि कई लोग अभी भी यह सोचकर प्रक्रिया पूरी नहीं करते कि उनका सिस्टम केवल निजी उपयोग के लिए है। यही वजह है कि विभाग लगातार awareness बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
8. नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
6 अप्रैल 2026 को जारी अध्यादेश 133/2026/ND-CP के तहत अब नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी तय कर दी गई है।
महत्वपूर्ण दिशानिर्देश
पहली बार सूचना न देने पर चेतावनी
दोबारा उल्लंघन पर 5 लाख से 30 लाख VND तक जुर्माना
मध्यम और उच्च वोल्टेज सिस्टम पर 1 करोड़ से 2 करोड़ VND तक का दंड
इसके साथ full compliance अनिवार्य रहेगा।
9. सोलर ऊर्जा का भविष्य और जरूरी बदलाव
छतों पर सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल अब केवल विकल्प नहीं बल्कि भविष्य की जरूरत बनता जा रहा है। बढ़ती बिजली मांग और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच rooftop solar systems स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा समाधान साबित हो रहे हैं।
लेकिन sustainable growth के लिए मजबूत management system और transparent legal framework भी उतना ही जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को eligibility, registration rules और official guidelines की सही जानकारी देना आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण होगा।
अगर सरकार और उपभोक्ता दोनों जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते हैं, तो rooftop solar sector आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है।




