UP में शिक्षा का बड़ा बदलाव! योगी सरकार ने 9 साल में बदल दी स्कूलों की तस्वीर
उत्तर प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में बेसिक शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदली है। पहले जहां कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी आम बात थी, वहीं अब हालात काफी अलग नजर आते हैं। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव के स्कूलों में साफ दिखाई देता है—चाहे वह बच्चों की बढ़ती संख्या हो या बेहतर पढ़ाई का माहौल।
2. नामांकन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी – latest update
सरकार की पहल से “स्कूल चलो अभियान” को मजबूत गति मिली है। latest update के मुताबिक, सत्र 2025-26 में अब तक 15.84 लाख बच्चों का नामांकन हो चुका है। खास बात यह है कि अप्रैल के पहले 20 दिनों में ही 8.79 लाख से ज्यादा नए एडमिशन दर्ज हुए।
यह आंकड़े बताते हैं कि अब अभिभावकों का भरोसा सरकारी स्कूलों पर पहले से ज्यादा बढ़ा है—जो किसी भी शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत होता है।
3. Out of School बच्चों को मुख्यधारा में लाने की पहल
official details के अनुसार, स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने पर खास ध्यान दिया गया है। साल 2024-25 में चिन्हित 7.73 लाख बच्चों में से करीब 5.04 लाख को विशेष प्रशिक्षण देकर फिर से स्कूल भेजा गया।
यह पहल उन परिवारों के लिए खास राहत लेकर आई है, जहां आर्थिक या सामाजिक कारणों से बच्चे पढ़ाई से दूर हो जाते थे।
4. DBT योजना और government benefits
आर्थिक दिक्कतें बच्चों की पढ़ाई में रुकावट न बनें, इसके लिए सरकार DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए हर साल 1.30 करोड़ से ज्यादा छात्रों को ₹1200 दे रही है।
इस government benefits का सीधा फायदा यह हुआ कि बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और किताबें समय पर मिल रही हैं। नतीजा—स्कूलों में उपस्थिति पहले से बेहतर हुई है।
5. Operation Kayakalp: स्कूलों का बदला रूप
important guidelines के तहत “ऑपरेशन कायाकल्प” को बड़े स्तर पर लागू किया गया। अब 1.32 लाख स्कूलों में डेस्क-बेंच, शौचालय, साफ पानी और बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अगर तुलना करें, तो 2017 में केवल 36% स्कूल ही इन सुविधाओं से लैस थे, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर 96.30% तक पहुंच गया है। यह बदलाव किसी भी राज्य के लिए बड़ा सुधार माना जाता है।
6. Smart Education और online process
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पीएम श्री योजना और समग्र शिक्षा अभियान के तहत 25,954 स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू की गई हैं।
साथ ही, शिक्षकों को बेहतर पढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे पढ़ाई का तरीका भी आधुनिक और असरदार बन रहा है। यह पूरा online process शिक्षा को नई दिशा दे रहा है।
7. पोषण और कर्मचारियों के लिए कदम
official announcement के अनुसार, पीएम पोषण योजना के तहत 1.52 करोड़ बच्चों को रोजाना पौष्टिक भोजन मिल रहा है।
इसके अलावा, रसोइयों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ना और शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी जैसे फैसलों ने शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ाया है।
8. समावेशी शिक्षा और eligibility
सरकार का फोकस सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है। RTE के तहत गरीब और दिव्यांग बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश दिलाया जा रहा है।
इसमें eligibility को सरल रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों को इसका लाभ मिल सके।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। बेहतर सुविधाएं, बढ़ता नामांकन और तकनीक का इस्तेमाल—ये तीनों मिलकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं।
अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में सरकारी स्कूलों की छवि और भी बेहतर होती नजर आएगी।




